प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की. द्विपक्षीय बातचीत हुई. पीएम ने कहा कि भारत की नायबरहुड पॉलिसी और ‘SAGAR’ विजन में श्रीलंका का अलग स्थान है.

श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने देश में यूपीआई लॉन्च करने पर सहमित दी है. पीएम मोदी ने बताया कि इससे फिनटेक कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा. द्विपक्षीय बातचीत में मछुआरों की समस्या पर भी चर्चा हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति विक्रमसिंघे में दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाए जाने पर सहमति बनी है. व्यापार और आम जन की आवाजाही के लिए तमिलनाडु के नागपट्टिनम और श्रीलंका के कांकेसंतुराई के बीच नौका सेवा शुरू करने का प्लान है. पीएम मोदी ने बताया कि मछुआरों की आजीविका के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. सहमति बनी है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों को मानवीय रूप से आगे बढ़ना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता से पहले विक्रमसिंघे का हैदराबाद हाउस में स्वागत किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देश रणनीतिक संबंधों पर 75वीं वर्षगांठ मना रहा है.

आर्थिक संकट कैसे उबर रहा श्रीलंका?
पीएम मोदी ने उठाया तमिलों का मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में कहा ‘उम्मीद है कि श्रीलंका की सरकार तमिलों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी और समानता, न्याय और शांति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी.’ राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बताया कि दोनों देशों में टेक्नोलॉजी कोऑपरेशन एग्रीमेंट समझौता हुआ है. इससे प्रायरिटी वाले क्षेत्रों में ट्रेड और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी. श्रीलंका तक एक मल्टी-प्रोजेक्ट पेट्रोलियम पाइपलाइन स्थापित की जाएगी, जिसपर विक्रमसिंघे ने कहा कि इससे श्रीलंका को किफायती और विश्वसनीय रूप से एनर्जी की सप्लाई होगी.

आर्थिक संकटों से उबर रहा श्रीलंका?
श्रीलंका आर्थिक रूप से दिवालीय हो गया था. अब हालात बदले हैं. सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजही तेज हो गई है. सार्वजनिक स्थानों, रेस्तरां में भीड़ जमा होने लगी है. स्थानीय और पर्यटक दोनों का जमावड़ा लगने लगा है. यह अंदाजा लगा पाना फिलहाल थोड़ा मुश्किल है कि यही देश पिछले साल गंभीर आर्थिक संकटों से जूझ रहा था. श्रीलंका के आय का मुख्य सोर्स पर्यटन है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी का उछाल आया है.

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