लद्दाख में हवाई क्षेत्र के उल्लंघन को लेकर भारत ने चीन को साफ शब्दों में कहा है कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। भारत और चीन के बीच मंगलवार को पूर्वी लद्दाख स्थित चुशूल मोल्डो में सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई थी। इसमें भारत के वायु क्षेत्र के उल्लंघन का मुद्दा मुठा था। चीनी सैन्य विमानों ने जून के अंतिम सप्ताह में लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के 10 किमी के भीतर उड़ान भरी थी। भारतीय वायुसेना ने चीन के इस लड़ाकू विमानों को इलाके से खदेड़ दिया था। अब इस मुद्दे पर बैठक हुई है। मंगलवार को लद्दाख में हुई ताजा वार्ता में यही मुद्दा उठा कि दोनों पक्षों को किसी भी ऐसी ही घटना से बचना चाहिए। चीन पिछले कुछ महीनों से तिब्बत क्षेत्र में प्रमुख सैन्य अभ्यास कर रहा है, जिसमें वायु सेना भी शामिल है। वे तिब्बत में अपने हवाई अड्डों में बुनियादी ढांचे का निर्माण भी कर रहे हैं। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के 10 किलोमीटर के अंदर ही लड़ाकू विमान उड़ाने पर सहमति है, लेकिन चीनी विमानों ने बीते डेढ़ माहों में इसका उल्लंघन किया है। भारतीय पक्ष ने चीन से कहा कि वह वायु क्षेत्र के उल्लंघन जैसी उकसाने वाली गतिविधियों से परहेज करे।

2022-08-05 16:21:50
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